
अपना हरी है हज़ार हाथ वाला ओ दीन दयाला
अपना हरी है हज़ार हाथ वाला ओ दीन दयाला, मैं कहता डंके की चोट पर ध्यान से सुनियो लाला, अपना

अपना हरी है हज़ार हाथ वाला ओ दीन दयाला, मैं कहता डंके की चोट पर ध्यान से सुनियो लाला, अपना

चरणो से लिपट जाऊं धूल बन के, तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बन के । तेरी भक्ति की खुशबू

सांवरिया मेरी मटकी में कंकरियां मत मारे, गुजारियाँ मटकी माखन की निचा क्यों ना उतारे, जब मथुरा से वापिस से

राधा हमे भी बतादे जरा तेरा दीवाना कैसे हुआ संवारा, राधे राधे रटे हर घडी वनवरा, राधा हमे भी बतादे

फूलो सा लग रहा है इक मुखड़ा प्यारा प्यारा, संग में है राधा रानी वो बांका श्याम हमारा, कजरारे मोटे

संसार के बंधन आज श्याम में तोडना चाहती हु, तेरे नाम के संग अपना नाम मैं जोड़ना चाहती हूँ तुम

लट घुंघराले तेरे और काले काले बाल हैं श्याम सलोने तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल है तेरा हवा में सर सर

सर पे मोर मुकुट है साजे और घुंघराले बाल सांवरे क्या कहना ………. माथे चन्दन टीका सोहे कुण्डल करे कमाल

मीरा का भाजे इक तारा संतो की खड़ताल, मगन हो सारे झूमे भजन में झूमे सारे तेरे लिये जग छोड़ा

हर ग्यारस पे दर्शन करने आएंगे ये वादा है दर श्याम के जाएंगे खाटू की गलियों की हमको भा गयी