
क्यों कुंडा लाके बैठ गये माँ
बचो दुरो दुरो आये तेरे द्वार क्यों कुंडा लाके बैठ गये माँ, तेरा करना है रज के दीदार क्यों कुंडा

बचो दुरो दुरो आये तेरे द्वार क्यों कुंडा लाके बैठ गये माँ, तेरा करना है रज के दीदार क्यों कुंडा

कन्हैया कन्हैया तू रहता किधर है कहाँ गोप ग्वाले वो राधा किधर है कन्हैया कन्हैया…………….. वो चलना मचलना वो माखन

तूने मुझे बुलाया मेरे सँवारे, मैं आया मैं आया मेरे सँवारे, ओ खाटू वाले रे ओ श्याम प्यारे रे ओ

झंडेवाली दे दर ते तू बेह जा झोली अध के, एह सच्चा सुच्चा द्वारा सारे जगत तो लगदा नायरा, इथे

इक वारि घर फेरा पा जा माँ झण्डेवालिये, रोंदी अखियां दी प्यास बुजा जा माँ झण्डेवालिये, तेरो बाजो माये कीह्नु

मेरे उठे कलेजे पीड़ सखी, वृन्दावन जाउंगी। बाजे मुरली यमुना तीर सखी, वृन्दावन जाउंगी॥ श्याम सलोनी सूरत की दीवानी हो

सजा है प्यारा दरबार बाबा का, लगे है न्यारा दरबार बाबा का, भक्तों ने मिलकर के कीया है शिंगार बाबा

तू भक्तों का रखवाला है सिर मोर मुकुट बंसीवाला है, हर जीव की धड़कन तू है तू हर श्वांसचलाने वाला

जय जय बाबा पौनाहारी जय जय बाबा दुधाथारी, जेहडा जेह्डा भगत प्यारा पौनाहारी दा, बोलो सारे घज के जैकारा पौनाहारी

हुई किरपा है मुझपे माँ तेरा दीदार पाया है करू मैं शुकरीयाँ तेरा जो चरणों से लगाया है था दुनिया