
चन्दन का है पलना रेशम की है डोर
चन्दन का है पलना रेशम की है डोर, वृंदावन में झुला झूले नटवर नन्द किशोर, देख यशोदा मैया मन ही

चन्दन का है पलना रेशम की है डोर, वृंदावन में झुला झूले नटवर नन्द किशोर, देख यशोदा मैया मन ही

कल्ला ई कल्ला जावेगा बाई कल्ला ई कल्ला रोवेगा पछतावेगा तू कल्ला ई कल्ला कल्ला ई कल्ला… तेरे औने रिश्तेदारा

ओ दुर्गे मैया सुनले विनती हमारी माई री, हो जा हमपे कृपालु हो जा हमपे दयालु , आजा आजा हमारे

कंकरिया मत न मारे ओ नन्द के लाला, क्यों न मटकी को तारे ओ ब्रिज की बाला, मत बेशर्मी ओड

नई सदी से मिल रही यह कैसी सौगात l बेटा कहता बाप से तेरी क्या औकात ॥ पानी आंखो का

नन्हा सा फूल हु मैं चरणों की धुल हु मैं आया हु मैं तो तेरे द्वार ओ मैया मेरी पूजा

तू तो लिया यशोदा ने गोद बात मेरी सुन सवारे, आज देती हूँ भेद खोल बात मेरी सुन सवारे, सखियों

बाबा हरदेवा का जन्म उत्सव आया है रंग गुलाल उड़े फूल का साया है, मौज उदा ले साथी तू तू

श्याम श्याम करती नै शाम होई रे श्याम ना आयो रे मैं होई वानवरी श्याम श्याम श्याम करती नै शाम

मुरलियां बाजे यमुना के तीर मुरली सुनत मेरो मन हर लीन्हू, चित्त धरत नहीं धीर मुरलिया बाजे जमुना तीर कारी