
श्याम धनी घर आना जी
श्याम धनी घर आना जी आके दर्श दिखाना जी, बिगड़े सारे काज बनाके सोया बाग़ जगाना जी, श्याम धनी घर

श्याम धनी घर आना जी आके दर्श दिखाना जी, बिगड़े सारे काज बनाके सोया बाग़ जगाना जी, श्याम धनी घर

थोड़ा कर तू विचार बाबा सुन ले पुकार, सारी दुनिया ने लुटा मुझको मैं तो गया हार, सुनले पुकार मुस्कुराऊ

सुनले ओ खाटू वाले दुनिया के है सताए, सबने रुलाया मुझको एक तू ही तो हसाये, सुनले ओ खाटूवाले…. जीवन

हो खाटू वाले हम भी तेरे सहारे, शीश का तूने दान दिया है हारे के तुम सहारे, हो खाटू वाले

मैं तो तेरी कठपुतली तेरा हुकुम बजाऊंगा, तुम ढोर हिलाना सांवरिया मैं नाच दिखाऊ गा, मेरा वजूद कुछ नही मैं

तू खाटू का है वासी भगतो को है तू प्यारा, दीनो के नाथ तू सुनले तुझपे है भरोसा हमारा, तेरे

बाबा श्याम की नगरी में, भगतो धूम मचाओ रे बाबा श्याम की, धूम मचाओ रे के भगतो रंग बरसो बाबा

मुझे ले चलो जहाँ तुम बाबा वही चलूगा, जिस हाल में भी रखु उस हाल में रहुगा, मुझे ले चलो

ओ खाटू के राजा,जरा नीले चढ़ के आजा, भगत रहे हैं पुकार तेरे आवन की खातिर बिछाये, आँखे राहों पर,बाट

मेरा सांवरा देता सबको ख़ुशी से, दातारा ऐसा है ये कहे न किसी से, मेरा सांवरा देता सबको ख़ुशी से,