
नर तन फेर ना मिलेगो रे
नर तन फेर ना मिलेगो रे, बांधे क्यों गठड़िया प्राणी पाप की, बड़े भाग मानुष तन पायो भटक भटक चौरासी,

नर तन फेर ना मिलेगो रे, बांधे क्यों गठड़िया प्राणी पाप की, बड़े भाग मानुष तन पायो भटक भटक चौरासी,

आज को सूरज डोडो उगयो जुझार जी, थांकी सुरता पर आयो , तावड़ो जुझार जी, म्हारा सुसरा जी के नो

भगवान भगवान भगवान भगवान ओ दुनिया के रखवाले, सुन दर्द भरे मेरे नाले, आश निराश के दो रंगों से, दुनिया

लख लख दिवला री है आरती आ पाबूजी रे धाम, जग मग जोता है जागती ऐ राठौड़ो रे धाम, रमती

बेटे का सम्मान है जग में बेटी का कोई मान नहीं, दुनिया वालो मुझको बता दो बेटी क्या संतान नही,

माजीसा बेगा म्हारे आइजो, थारे भक्ता ने, दर्श दिखाइजो म्हारी भटियाणी माँ, माजीसा जसोलगढ़ में बिराजो, थारे जगमग3 … जोता

आवाज़ की दुनिये से चले दूर कही दूर चले, चाँद सितारों से दूर बड़े दूर चले, आवाज़ की दुनिये से

गोगा जी का धाम बड़ा प्यारा मिल गया सहारा आके यहाँ रे, बाबा से मिले है सहारा अज़ब है नजारा

जिन्हे कोख में मारते हो वो ही बेटियां देवियां है, है सीता कोई तो कोई राधा, है लक्ष्मी कोई शरधा

सत्संगत में रोज ही जाना रहना अपनी धुन में, साधु भाई गांजा पियो गुरु संग में, चित चेतन की चिलम