
लमबीया उडारा ला मेरे
लमबीया उडारा ला मेरे बाबा लमबीया उडारा ला, मोर सवारी आ मेरे बाबा मोर सवारी आ , लमबीया उडारा ला…..

लमबीया उडारा ला मेरे बाबा लमबीया उडारा ला, मोर सवारी आ मेरे बाबा मोर सवारी आ , लमबीया उडारा ला…..

जय गुफा वाले नाथ दी मैं बोल के, पाइया जोगी तो मुरादा दिल खोल के, पूरा किता ज़िंदगी दी हर

सरियाँ तो सोहना मेरा नाथ जो है, हर पल रेह्न्दा मेरे नाल जो एह, क्यों जोगी तो क्यों बाबे तो,

करा वेंतिया सुन ले तू आजा, आजा वे आजा वे सोहने जोगियां, मेरी अँखियाँ दी प्यास न मुका जा, आजा

जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी, तेरे नाम दा रॉट पका के जीवन सफल बना लेना,

सिद्ध योगी दे जाना भगतो जोगी दे दर जाना, जेहड़ा साढ़े अंग संग रेह्न्दा उसदा दर्शन पौना, सिद्ध योगी दे

दिता बाबा जी ने आसरा बथेरा मैं दुनिया तो नहीं मंग दा, लाया बाबा जी ने दिल विच डेरा ओ

आजा वे आजा पौनहारियाँ, आजा वे आजा दुधाधारियां वे किथे लाये ने डेरे, नैन प्यासे तेरी दीद दे कदो पावे

गोरख दी मंडली रजाई योगी ने दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने, शक्ति जो अपनी दिखाई जोगी ने, दूध

अवतार लियो गोपाल नन्दलाल, नन्द भवन वधाई भाज रही, नन्द भवन में आनंद छाया है, जो लोक में आनंद छाया