
वैशाख पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि
सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि वैशाख मास को बहुत ही पवित्र माह माना जाता है, इस माह में

सत्य विनायक पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि वैशाख मास को बहुत ही पवित्र माह माना जाता है, इस माह में

नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंबे संत जनों के काज में, करती नहीं विलंब॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि

आरती तेरी गाऊ, ओ केशव कुञ्ज बिहारीमैं नित नित शीश नवाऊ, ओ मोहन कृष्ण मुरारी। है तेरी छवि अनोखी, ऐसी

* नृरसिंह जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार इसी दिन

. बाल कृष्ण की लीलाए बड़ी मनमोहनी है, बड़े-बड़े ऋषि मुनि भी भगवान श्री कृष्ण की इन लीलाओ का

वैशाख मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। ऐसा विश्वास जाता है कि यह तिथि सब पापों

भगवान प्रेम में समाए हुए है। प्रेम से ही प्रकट होते हैं। कोई भी भक्त भगवान् से, बार बार विनती

जब जब देश पर विपत्ति आई है माताओं और बहनों ने दिन रात भगवान से प्रार्थना की है कि हे

हम भगवान का नाम जप कीर्तन करते हुए चिन्तन में अपना मन लगा देते हैं। भगवान का ध्यान धरते हुए

परम पिता परमात्मा को प्रणाम है ।दिल की धड़कन प्रभु प्राण नाथ को पुकारती है ।प्राण नाथ का प्रेम दिल