Scriptures

महा मंत्र

ԶเधेԶเधे !! हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे !!हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे !! ԶเधेԶเधे

Read More...

प्रस्तुत प्रसंग में प्रभु राम जी सुग्रीव जी के माध्यम से संसार को मित्रता का का महत्व बताते हुए कहते हैं…

चौपाई : जे न मित्र दुख होहिं दुखारी। तिन्हहि बिलोकत पातक भारी॥ निज दुख गिरि सम रज करि जाना।मित्रक दुख

Read More...

अगुन सगुन दुइ ब्रम्ह सरुपा

प्रातःअभिवादन,प्रणाम नमस्कार। मात-पिता चरण कमलेभ्योःनम।श्री गुरुचरण कमलेभ्योःनम ।राम राम। जय सीताराम।जयश्रीकृष्ण। बजरंग बली की जय।जय मां भवानी।हर हर महादेव।प्रातःवंदन ब्रह्म

Read More...

श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ।।

श्रीराम गोविन्द मुकुन्द कृष्णश्री नाथ विष्णो भगवन्नमस्ते।प्रौढारिषड् वर्ग महाभयेभ्योमां त्राहि नारायण विश्वमूर्ते।। भगवान विष्णु ने जब रघुवंशी महाराज दशरथ के

Read More...