
धर्म रथ 1
भगवान राम ने विभीषण जी का संशय दूर करने के लिए पूरे धर्म रथ का सन्तो ने किस प्रकार से

भगवान राम ने विभीषण जी का संशय दूर करने के लिए पूरे धर्म रथ का सन्तो ने किस प्रकार से

हमारे आस पास रहने वाले हर इन्सान, प्रकृति से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं, हमें प्रेरित करते हैं,

” क्या तुम नहीं देखते कि आधी आयु तो नींद से ही नष्ट हो जाती है??? और कुछ आयु भोजन

हरि ॐ तत् सत् जय सच्चिदानंद 🌹🙏 बिना श्रद्धा के विस्वास नही, विस्वास के बिना भक्ति नहीं,भक्ति के बिना प्रेम

श्री राम निर्गुण और सगुण मे कोई भेद नहींवह निर्गुण ब्रह्म ही भक्तों के प्रेम के वशीभूत हो कर अधर्मियों

रावण ने कैलाश पर्वत को उठा लिया फिर धनुष क्यों नहीं उठा पाया और राम ने कैसे धनुष तोड़ दिया

तेरे पावन अहसासों सेपुलकित जीवन सारासांसारिक प्रेम परेपावन प्रीत हमारासमर्पित तूझ पर हीअब जीवन साराअंजुरी में लिये पुष्प प्रेमका खड़ी

समुद्रतट पर एक व्यक्ति चिंतातुर बैठा था, इतने में उधर से विभीषण निकले।.उन्होंने उस चिंतातुर व्यक्ति से पूछाः क्यों भाई

तलवार,धनुष और पैदल सैनिक कुरुक्षेत्र मे खड़े हुयेरक्त पिपासू महारथी इक दूजे सम्मुख अड़े हुये कई लाख सेना के सम्मुख

आज का प्रभु संकीर्तन।जीवन में सदेव कर्म करते रहना चाहिए। क्योंकि भगवद गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है