
शकुन्तला
एक बार हस्तिनापुर नरेश दुष्यन्त आखेट खेलने वन में गये। जिस वन में वे शिकार के लिये गये

एक बार हस्तिनापुर नरेश दुष्यन्त आखेट खेलने वन में गये। जिस वन में वे शिकार के लिये गये

नश्वर पति रति त्यागि कृष्णपदसों रति जोरी।सबै जगतकी फाँस तरकि तिनुका ज्यों तोरी॥निर्मल कुल काँथड़ा धन्य परसा जेहि जाई।करि वृन्दावन-वास

बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना।कर बिनु करम करइ बिधि नाना॥आनन रहित सकल रस भोगी।बिनु बानी बकता बड़ जोगी॥ अर्थ

श्रीनारायण दशावतार स्तोत्र दुःख- दरिद्र, रोग- व्याधि, कर्ज मुक्ति गृह क्लेश, पितृ बाधा, वास्तु दोष सब होगा दूर रोज पढ़ें-

नानक एक मुसलमान नवाब के घर मेहमान थे। नानक को क्या हिंदू क्या मुसलमान! जो ज्ञानी है, उसके लिए कोई

श्री कृष्ण द्वादश स्त्रोत का पाठ करने से मानसिक शांति, कष्टों से मुक्ति, पापों का नाश, और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त

श्रीनिवासन जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल।लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।१।। राधारमण गोविन्द भक्तकामप्रपूरक।नारायण नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।२।। दामोदर महोदर सर्वपत्तिनिवारण।ऋषे नमस्तुभ्यं त्राहि

भगवान शिव से कुछ भी छुपा हुआ नही है, वो सब देख रहे है, उनके चार मुख चारो दिशाओ में

किसी नगर में एक बूढ़ा चोर रहता था। सोलह वर्षीय उसका एक लड़का भी था। चोर जब ज्यादा बूढ़ा हो

एक बार की बात है, एक गाँव में रामलाल नाम का एक बढ़ई (Carpenter) रहता था। वह बहुत मेहनती और