
देश की सुरक्षा कर देना
हमे देश और राष्ट्र में शान्ति की स्थापना के लिए भक्ति भाव को बढ़ावा देना होगा। प्रेम से पथ को

हमे देश और राष्ट्र में शान्ति की स्थापना के लिए भक्ति भाव को बढ़ावा देना होगा। प्रेम से पथ को

भगवान को भाव से भजे हे प्रभु हे दीनदयाल हे दीनानाथ हे प्राण नाथ तुम मेरे स्वामी भगवान् नाथ हो

भगवान जी तुम कहते हो मांग ले ये तन मन ये आत्मा में तुम्हारा निवास है। सब कुछ तुम ही

दीनबंधु कृपासिंधु कृपा बिंदु दो प्रभो।उस कृपा की बूंद से फिर बुद्धि ऐसी हो प्रभो।वृत्तियां दूत गामिनी हो, जा सम्मावे

ग्रथों में पढते हैं भगवान से मिलने के लिए विरह वेदना प्रकट करो तभी भगवान मिलेगे । ये दिल वेदना

हम मन्दिर में भगवान् से प्रार्थना करने आते हैं। हमारी आन्तरिक प्रार्थना होती है कि हे प्रभु प्राण नाथ स्वामी