


हम सबके पास दो अनमोल हीरे हैं एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई

बुद्ध के पास एक राजकुमार दीक्षित हो गया,दीक्षा के दूसरे ही दिन किसी श्राविका के घर उसे भिक्षा लेने बुद्ध

भगवान श्री राम ने सीता जी के स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र जी की आज्ञा से शिवजी का कठोर धनुष तोड़


सती राजमति द्वारा नेमजी के तोरण पर आकर लौट जाने पर स्वयं द्वारा संसार त्याग कर संयम पथ धारण करने

कहानी : “बच्चा बीमार नहीं था, बस उसके शेष सभी रंग खत्म हो चुके थे।”(एक ऐसा नजरिया जो आपका जीवन

भगवान श्री राम के पास सुदर्शन चक्र इसलिए नही क्योंकि चक्र तथा शंख भरत एवम् शत्रुघ्न के रूप ने अवतरित

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा था जिसका नाम था अजीत सिंह। वह न्यायप्रिय तो था, लेकिन उसका

रोम में एक सम्राट ने अपने बड़े वजीर को फांसी की आज्ञा दे दी थी। उस दिन उसका जन्म—दिन था,