
त्याग का रहस्य
एक बार महर्षि नारद ज्ञान का प्रचार करते हुए किसी सघन बन में जा पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक बहुत बड़ा

एक बार महर्षि नारद ज्ञान का प्रचार करते हुए किसी सघन बन में जा पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक बहुत बड़ा

जीवन में सदैव अपने पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ हमें दूसरों के लिए कल्याण के कार्य अवश्य करते रहने चाहिए।और यह

जब महर्षि वेदव्यास महाभारत लिखने के लिए बैठे, तो उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो उनके मुख से

‘सखियों, कल चलोगी गोरस बेचने ?’– ललिता जीजी ने पूछा।हम सब जल भरने आयी थी। उधरसे बरसाने की सखियाँ भी

गतांक से आगे – श्रीचक्रपाणि शरण जी ने चार मन्त्रराज श्रीगोपालमन्त्र के अनुष्ठान किये …इसके बाद तो इनके सामने कई

संकीर्तन और सत्संग मे जाने से फ़ायदा ही फ़ायदा होता है।कभी नुकसान नही होता।एक अँधा फूलों के बाग में चला

आज का प्रभु संकीर्तन। विनम्रता एक अच्छे इंसान की पहचान है। नम्रता हर सफल व्यक्ति का गहना है।नम्रता ही बड़प्पन

एक बार सुमेरु पर्वत पर बैठे हुए ब्रह्माजी के पास जाकर देवताओं ने उनसे अविनाशी तत्व बताने का अनुरोध किया।

आज का आध्यात्मिक विचार हे मुरलीधर श्याम सलोने…. कितने आकर्षक लगते हो…. मोर मुकुट पिताम्बर धारी म मेरे प्यारे कृष्ण

एक नगर का राजा, जिसे ईश्वर ने सब कुछ दिया, एक समृद्ध राज्य, सुशील और गुणवती पत्नी, संस्कारी सन्तान सब