
“स्वर्ग का सेब”
एक बार स्वर्ग से घोषणा हुई कि भगवान सेब बाँटने आ रहे हैं, सभी लोग भगवान के प्रसाद के लिए

एक बार स्वर्ग से घोषणा हुई कि भगवान सेब बाँटने आ रहे हैं, सभी लोग भगवान के प्रसाद के लिए

गुरु की महिमा गोविन्द से भी अधिक बतायी गयी हैं, पर यह महिमा उस गुरु की है, जो शिष्य का

।। ।। रुद्राक्ष की उत्पत्ति शिव के आंसुओं से मानी जाती है। इस बारे में पुराण में एक कथा प्रचलित

भगवान शिव महादेव, मां काली के चरणों के नीचे भी मुस्कुराते हैं। भगवान शिव क्रोध और उग्रता के प्रतीक हैं

साधु- साधना करने वाले व्यक्ति को साधु कहा जाता है। साधु होने के लिए विद्वान होने की जरूरत नहीं है

आज जाने ऋषि और मुनियों के बारे में – भारत में प्राचीन समय से ही ऋषि-मुनियों का विशेष महत्व रहा

महातीर्थ श्री जगन्नाथ पुरी के समीप एक ग्राम पिपलीचटी था। इसी ग्राम में रघु केवट नाम का मछुवारा रहता था,

एकबार किसी गांव में सत्संग करने के लिए बाबाकबीर जी और बाबा सूरदास जीदोनो गये शाम को सत्संग में दोनो

मेरे प्रिय आत्मन्! मनुष्य के जीवन में या जगत के अस्तित्व में एक बहुत रहस्यपूर्ण बात है। जीवन को तोड़ने

भारतीय धार्मिक साहित्य के अमर ग्रंथ (सूरसागर) के रचयिता श्री सूरदास जी का जन्म दिल्ली के सन्निकट सीही ग्राम में