
शिव ही भगवान विष्णु
एक गाँव में दो मंदिर आमने-सामने थे। एक ओर लक्ष्मीनारायण का भव्य मंदिर था, तो दूसरी ओर भगवान शिव का

एक गाँव में दो मंदिर आमने-सामने थे। एक ओर लक्ष्मीनारायण का भव्य मंदिर था, तो दूसरी ओर भगवान शिव का

बाँके बिहारी जी की अनन्य सेविका नथिया बाई वृंदावन धाम केवल ईंट–पत्थरों से बना नगर नहीं, यह प्रेम, भक्ति और

इस संसार में भगवान श्रीहरि के जितने अनन्य भक्त हुए हैं, ध्रुव उनमें से अग्रगणी हैं। विष्णु पुराण एवं भागवत

एक कथा के अनुसार, कुरुक्षेत्र का विशाल युद्धक्षेत्र सेनाओं के आगमन के लिए तैयार किया जा रहा था। बड़े-बड़े हाथियों

संत रविदास (जिन्हें हम गुरु रविदास के नाम से भी जानते हैं) का जीवन सादगी, शुद्धता और ईश्वर के प्रति

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटा सा गाँव था जहाँ ‘माधव’ नाम का एक गरीब कुम्हार रहता था।

सूर्य पुत्री कालिंदी हीं यमुना देवी थीं। जब ब्रज में श्रीकृष्ण रास रचाते थे, तो यमुना यानी कालिंदी भी गोते

गुजरात की पावन धरती पर, डाकोर और द्वारका के बीच की दूरी सैकड़ों किलोमीटर की है, लेकिन एक भक्त की

भक्ति कथा, संत नामदेव के धन की बराबरी ——- वैष्णव मत को मानने वाले संत नामदेव के मन में बचपन

नामदेव तो भोले बालक थे सो उन्होंने पिता की बातो को अक्षरशः सच मान लिया।उनके मन में ऐसा ठस गया