“भोला भगत”
एक गाँव के बाहर छोटा सा शिव मन्दिर था, जिसमें एक वृद्ध पुजारी रहते थे। एक दिन एक गरीब माँ
एक गाँव के बाहर छोटा सा शिव मन्दिर था, जिसमें एक वृद्ध पुजारी रहते थे। एक दिन एक गरीब माँ

.कुलपति स्कंधदेव के गुरुकुल में प्रवेशोत्सव समाप्त हो चुका था।.कक्षाएँ नियमित रूप से चलने लगी थीं।.उनके योग और अध्यात्म संबंधितप्रवचन

ज्ञानीजन कहते हैं के आत्मा को केवल आत्मा ही जानता है! पर अज्ञानीजनों का मानना है के यदि देह मनादि

एक संत एक छोटे से आश्रम का संचालन करते थे। एक दिन पास के रास्ते से एक राहगीर को पकड़कर

सभी देशवासियों कोमहावीर जयंती- २०२३की हार्दिक शुभकामनाएं..! जैसे हर संत के जीवन में देखा जाता है, वैसे महावीर स्वामी के

एक पढा लिखा, अनुभवी व्यक्ति एक बार कार से यात्रा कर रहा था। दिन के दोपहर में सुनसान जगह पर

शुभ प्रभातम्मन भी पानी जैसा ही है, पानी फर्श पर गिर जाए तो कहीं भी चला जाता है, मन भी

किसी नगर में एक बुढ़िया रहती थी। वह ग्वालिन थी उसके चार पुत्र और एक पुत्री थी। एक समय नगर

भगवान राम जानते थे कि उनकी मृत्यु का समय हो गया है। वह जानते थे कि जो जन्म लेता है

।। जय श्री महाकालेश्वर ।। गोदावरी के पावन तट पे “श्वेत” नामक एक ब्राह्मण रहते थे। जो शिवजी के अनन्य