
भगवान प्रेम चाहते
भगवान जो इस संपूर्ण सृष्टि के रचनाकार हैं, हम सब के प्रेम के भूखे हैं। हालाकि उन्हें किसी भी बात

भगवान जो इस संपूर्ण सृष्टि के रचनाकार हैं, हम सब के प्रेम के भूखे हैं। हालाकि उन्हें किसी भी बात

चार कीमती रत्न भेज रहा हूँ..मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मुझे जरुर धन्यवाद कहाेगे..!1.पहला रत्न है:-” माफी “तुम्हारे लिए

एक दूकान पर लस्सी का ऑर्डर देकर हम सब दोस्त- आराम से बैठकर एक दूसरे की खिंचाई और हंसी-मजाक में

नम: श्री गुरु चरणकमलेभ्यो नमः! ॐ श्री काशी विश्वनाथ विजयते सर्वविपदविमोक्षणम् नेह चात्यन्त संवास: कर्हिचित् केनचित् सह ।राजन् स्वेनापि देहेन

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी किसी औरत का नाच गाना नहीं होता था, महिलाओं का हमेशा सम्मान

कृष्ण के जन्म से उनकी लीला संवरण तक हर घटना अपने आप में गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को समेटे हुए है,

कर्मबंधन का जन्मबंधन ” पिछले जन्मों के ताने बाने की कहानी” रिवासकी,एक बहुत राइस आदमी,हमेशा अपनी मद में।किसी को कुछ

.किसी नगर में एक सेठ रहता था।.समय के फेरे से वह अत्यंत गरीब हो गए थे। पुनः समृद्धि के लिए

एक नट था , मदारी , वो लोगों के मनोरंजन के लिए करतव दिखाया करता था और अपना जीविका चलाता

बंगाल में महान संत और माँ काली के अनन्य भक्त स्वामी श्री रामकृष्ण परमहंस देव हुए। उनकी पूजापाठ में कर्मकांड