
संस्कार और सभ्यता 🙏
🙏 वासु भाई और वीणा बेन* गुजरात के एक शहर में रहते हैं; आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे

🙏 वासु भाई और वीणा बेन* गुजरात के एक शहर में रहते हैं; आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे

एक संध्या एक पहाड़ी सराय में एक नया अतिथि आकर ठहरा। सूरज ढलने को था, पहाड़ उदास और अंधेरे में

किसी का प्रेम पाने के लिए हमें उसके नजदीक जाना पड़ता है।हमारा बच्चा भी यदि हम से दूर रहा तो

सरकारी कार्यालय में लंबी लाइन लगी हुई थी। खिड़की पर जो क्लर्क बैठा हुआ था, वह तल्ख़ मिजाज़ का था

.एक बार भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन घूम रहे थे। मार्ग में देखा की एक स्त्री आँखे बंद करके ध्यान

अच्छे काम करके, दुसरो को खुश करके, कठोर परिश्रम करके आपको जो सन्तोष मिलेगा, वही तुम्हारी सबसे बड़ी खुशी होगी।

मेरी बेटी की शादी थी और मैं कुछ दिनों की छुट्टी ले कर शादी के तमाम इंतजाम को देख रहा

“” काशी में गंगा के तट पर एक संत का आश्रम था। एक दिन उनके एक शिष्य ने पूछा… “गुरुवर!

“अजी सुनते हो? राहूल को कम्पनी में जाकर टिफ़िन दे आओगे क्या?” “क्यों आज राहूल टिफ़िन लेकर नहीं गया।?” शरद

“धनवान परिवार में जन्म होने के कारण जिन बच्चों को जन्म से ही सब सुविधाएं मिल जाती हैं। उन्हें माता