
संकल्पकी शक्ति
संकल्पकी शक्ति शराब पीकर एक व्यक्ति गन्दे नालेके पास गिरा हुआ था। आस-पासके लोग उसे घृणाकी दृष्टिसे देख रहे थे।

संकल्पकी शक्ति शराब पीकर एक व्यक्ति गन्दे नालेके पास गिरा हुआ था। आस-पासके लोग उसे घृणाकी दृष्टिसे देख रहे थे।

एथेन्स सोलन नामका एक बड़ा भारी विद्वान् रहता था। उसे देशाटनका बड़ा शौक था। एक बार वह घूमता चामा लोडिया

मर्यादापुरुषोत्तम विश्वसम्राट् श्रराघवेन्द्र अयोध्याके सिंहासनपर आसीन थे। सभी भाई चाहते थे कि प्रभुकी सेवाका कुछ अवसर उन्हें मिले; किंतु हनुमानजी

पुरुषार्थ करनेसे संकटसे मुक्ति मिलती है वाराणसीमें भगवान् त्रिलोचनके मणिमाणिक्यनिर्मित मन्दिरमें कबूतरोंका एक जोड़ा निवास करता था। वे दोनों कबूतर

[10] हितैषी मित्रका त्याग न करें एक स्थानपर कुछ भेड़ें चरा करती थीं। कुछ बलवान् कुत्ते वहाँ उनकी रखवाली किया

भक्तजीको दैत्यराज हिरण्यकशिपु भगवान्के स्मरण-भजनसे विरत करना चाहता था। उसकी धारणा थी कि ‘प्रह्लाद अभी बालक है, उसे किसीने बहका

हुगलीके सरकारी वकील स्वर्गीय शशिभूषण वन्द्योपाध्याय एक दिन वैशाखके महीनेमें दोपहरकी कड़कती लूमें एक किरायेकी गाड़ीमें बैठकर एक प्रतिष्ठित व्यक्तिके

श्रीठाकुरसाहब लदाणा (जयपुर) – के पास एक मुसलमान सज्जन आये, उनके गलेमें तुलसीकी कंठी बँधी हुई थी। ठाकुरसाहबने पूछा कि

फिर भी दोनों ढेरियाँ बराबर दो भाई थे, नरेन्द्र और सुरेन्द्र। दोनों खेतीका काम करते थे। नरेन्द्र कुवारा था और

संत फ्रांसिसके जीवनकी बात है। इटलीके अस्सीसाई नगरमें अपनी युवावस्थाके दिन उन्होंने राग-रंग और आमोद-प्रमोदमें बिताये। धनियोंके लड़कोंके साथ वे