आदिनाथ प्रभु ने सुंदरी जी को दीक्षा दी
सुंदरी जी :आदिनाथ प्रभु और माता सुनंदा की पुत्री सुंदरी जी थी। आदिनाथ प्रभु ने सुंदरी जी को गणित का
सुंदरी जी :आदिनाथ प्रभु और माता सुनंदा की पुत्री सुंदरी जी थी। आदिनाथ प्रभु ने सुंदरी जी को गणित का

मिथिला के महाराजा जनक केवल एक राजा ही नहीं थे वे धर्म, ज्ञान और कर्मयोग के आदर्श पुरुष थे। उनका

आत्मा के आगे जीव या परम शब्द केवल मनुष्य के द्वारा अपनी ही आत्मा को दी गईं अविद्याजनित उपाधियाँ हैं!

वैराग्य शब्द संसार के कुछ ऐसे शब्दों में से एक हैं जिसकी व्याख्या का ना तो आदि है और ना

बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना।कर बिनु करम करइ बिधि नाना॥आनन रहित सकल रस भोगी।बिनु बानी बकता बड़ जोगी॥ अर्थ

भगवान में दिल का रमना भक्ति है। हमारे अन्दर भगवान राम भगवान कृष्ण से मिलन की तीव्र इच्छा में भगवान

भगवान में दिल का रमना भक्ति है। हमारे अन्दर भगवान राम भगवान कृष्ण से मिलन की तीव्र इच्छा में

एक साधक आत्म चिन्तन करते हुए अपने आप से पुछता मै किस लिए आया हूं मेरे जीवन का क्या लक्ष्य

आत्मा का अपना कोई नहीं होता सम्बन्ध शरीर का है आत्मा का नहीं। यह मत सोचो कि तुम्हारी मृत्यु के

“जड़ स्थिर है तो जीवन स्थिर है और नींव मजबूत है तो आपका मकान , दुकान , ऑफिस , बड़ी