
चित चोर ही असली चोर…
एक भागवत कथा वाचक ब्राह्मण गांव में कथा वांच रहे थे। उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के सौंदर्य, उनके आभूषणों

एक भागवत कथा वाचक ब्राह्मण गांव में कथा वांच रहे थे। उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के सौंदर्य, उनके आभूषणों

जल एक ही है, वही ऊपर बादल के रूप में, वही जल बूँद के रूप में, वही जल बर्फ में

मंदोदरी रावण के साथ आई। रावण के पास खड़ी है। रावण बोला यह मंदोदरी आदि सब जितनी रानियाँ हैं, तुम्हारी

यह बहुत पुराने समय की बात है । एक गांव में एक सेठजी रहते थे । वह श्रीकृष्णजी के परम

करीब 95 साल पहले की बात है । राजस्थान के अलवर इलाके में एक गडरिया भेड़ चराते हुए जंगल में

श्रीनाथजी एक दिन भोर में अपने प्यारे कुम्भना के साथ गाँव के चौपाल पर बैठे थे ,कितना अद्भुत दृश्य है

. एक बार की बात है महाभारत के युद्ध के बाद भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन द्वारिका गये पर

पुराने समय में एक आश्रम में गुरु और शिष्य मूर्तियां बनाने का काम करते थे।.मूर्तियां बेचकर जो धन मिलता था,

कई लोग ये पूछते हैं कि श्रीराम ने धनुष उठा कर स्वयंवर की शर्त तो पूरी कर ही दी थी,

महायुद्ध समाप्त हो चुका था। जगत को त्रास देने वाला रावण अपने कुटुंब सहित नष्ट हो चुका था। कौशलाधीश राम