
भगवान शिव ने माता पार्वती को ज्ञान दिया।
ज्ञानवापी मंदिर के बारे मे विस्तृत जानकारी पुराणों के अनुसार, ज्ञानवापी की उत्पत्ति तब हुई थी जब धरती पर गंगा

ज्ञानवापी मंदिर के बारे मे विस्तृत जानकारी पुराणों के अनुसार, ज्ञानवापी की उत्पत्ति तब हुई थी जब धरती पर गंगा

मेरी दृष्टि वक्ष पर टिकी और तनिक भी प्रतिकार न करते देखकर उन्होंने भी अपने वक्ष की ओर माथा झुकाया-

एक बार की बात है एक संत जग्गनाथ पूरी से मथुरा की ओर आ रहे थे उनके पास बड़े सुंदर

“एक राम घर-घर बोले, एक राम घट-घट बोले” “एक राम सकल पसारा, एक राम सबसे न्यारा”एक भक्ति श्लोक है जो

सच्ची भक्ति और परमेश्वर की प्राप्ति इसी जन्म में ही हो सकती है इसलिए जो कुछ करना है अब ही

कृष्ण के साथ राधा का नाम ऐसे जुड़ा है जैसे काया के साथ छाया जुड़ी होती है। लेकिन शास्त्र कहते

सखी! दोउ, झूलत मृदु मुसकात।ज्योँ सखि! गगन मगन मन घनगन, घनन – घनन घननात।त्योँ सखि! इत घनश्याम मगन मन, झूलत

मारुति नंदन नमो नमःकष्ट भंजन नमो नमःअसुर निकंदन नमो नमःश्रीरामदूतम नमो नमः !जिनके मन में बसे श्री राम जी, उनकी

जहां शालग्राम शिला रहती है वहां भगवान श्रीहरि व लक्ष्मीजी के साथ सभी तीर्थ निवास करते हैं हिमालय पर्वत के

हनुमान जी की मान्यता पर विचार करें, इस जगत में जितने पूजाघर हैं, सबसे अधिक हनुमान जी के हैं। सबसे