
राम राम मंत्र
राम नाम महिमाराम नाम महिमास्कन्दपुराण के ब्राह्मखंड में व्यास जी कहते हैं – जो लोग राम-राम-राम इस मंत्र का उच्चारण

राम नाम महिमाराम नाम महिमास्कन्दपुराण के ब्राह्मखंड में व्यास जी कहते हैं – जो लोग राम-राम-राम इस मंत्र का उच्चारण

एक भरोसो एक बल, एक आस विश्वास।एक राम घनश्याम हित, चातक तुलसीदास॥ तुलसीदास जी कहते हैं कि उनका एक ही

भगवान श्री राम के पास सुदर्शन चक्र इसलिए नही क्योंकि चक्र तथा शंख भरत एवम् शत्रुघ्न के रूप ने अवतरित

मीरा कहती है: मेरा हृदय जानता है कि तुम्हें बिना देखे मुझे क्षण भर भी कल नहीं पड़ती। जरा मौका

एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा हुआ है बैठ गए शीश झुकाए,

मीराबाई का जीवन प्रेम और भक्ति की एक ऐसी पराकाष्ठा है, जहाँ लोक-लाज और राजसी वैभव फीके पड़ जाते हैं।

परमात्मा, शिव की स्थापना, पालना और विनाश के लिए ब्रह्मा, विष्णु और शंकर, तीन सूक्ष्म देवताओं की रचना करते हैं

राव दूदाजी अपनी नन्ही पौत्री मीरा की बातें सुनकर स्तब्ध रह गए। कुछ पल तो उनके होंठों से शब्द ही

जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड सर मंडन मही।। पाथोद गात सरोज मुख

पार्वती ज्ञान की जननी हैं। पार्वती प्रश्न पूछती हैं। शिव प्रश्नों का उत्तर देते हैं। इससे ज्ञान रूप संतति का