
हनुमान जी जन्मोत्सव की शुभकामनाएं 12
हे दुःख भन्जन, मारुति नंदन,सुन लो मेरी पुकार !पवनसुत विनती बारम्बार।। अष्ट सिद्धि नव निद्दी के दाता,दुखिओं के तुम भाग्यविदाता।सियाराम

हे दुःख भन्जन, मारुति नंदन,सुन लो मेरी पुकार !पवनसुत विनती बारम्बार।। अष्ट सिद्धि नव निद्दी के दाता,दुखिओं के तुम भाग्यविदाता।सियाराम

एक समय की बात है, जब किशोरी जी को यह पता चला कि कृष्ण पूरे गोकुल में माखन चोर कहलाता

कृष्णभक्त संत द्वारा प्रदत्त ठाकुर जी … एक बार ऐसे ही मीरा राज महल में ठहरे एक संत के समीप

कठिनाई उस समय हुई जब बड़ी बहन गुलाब कुँवर बाईसा ने कहा “मुंह खोलो भाई! बेटी के बाप बने हो।

राव जयमल की तीन रानियां थी। इनमें से दो राजकुमारी और सोलह राजकुमार हुए। पांचवे पुत्र मुकंद दास उनके उत्तराधिकारी

दरिद्रता और ऋण के भार से दु:खी व संसार की पीड़ा से व्यथित मनुष्यों के लिए प्रदोष पूजा व व्रत

कोई भक्त,रसिक जब लम्बी गहरी सांस लेकर..आँखों में प्रेमाश्रु भर कर..आह कृष्ण…हे गोविन्द !..मेरे माधव कह कर पुकारता है तो

राव दूदा की संतति……. राव दूदा के पांच पुत्र हुए- वीरमदेव, रायमल, रायसल, रतनसिंह और पंचायण।(१) राव वीरमदेव:- राव दूदा

गोपियाँ श्रीकृष्ण की स्वकीया थीं या परकीया, यह प्रश्न भी श्रीकृष्ण के स्वरूप को भुलाकर ही उठाया जाता है। श्रीकृष्ण

ऐसी बात नहीं है कि अवधपुरी में राजा दशरथ के घर श्रीराम अवतरित हुए तब से ही लोग श्रीराम का