
गुरुदेव ने दिखाया तीन जन्मों का रहस्य…..
*प्रख्यात संत को उनके तीन जन्मों का दृश्य उनके गुरुदेव ने दिखाया उनमें से प्रथम थे सन्त कबीर, दूसरे समर्थ

*प्रख्यात संत को उनके तीन जन्मों का दृश्य उनके गुरुदेव ने दिखाया उनमें से प्रथम थे सन्त कबीर, दूसरे समर्थ

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामदक्षिण यात्रा का विचार कति न विहितं स्तोत्रं काकु: कतीह न कल्पिताकति न

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामसार्वभौम का भक्तिभाव नौमि तं गौरचन्द्रं य: कुतर्ककर्कशाशयम्।सार्वभौमं सर्वभूमा भक्तिभूमानमाचरत्।। एक दिन भट्टाचार्य

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामसार्वभौम का भगवत-प्रसाद में विश्वास महाप्रसादे गोविन्दे नाम्नि ब्रह्मणि वैष्णवे।स्वल्पपुण्यवतां राजन विश्वासो नैव

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामसार्वभौम भक्त बन गये भवापवर्गो भ्रमतो यदा भवे-ज्जनस्य तर्ह्मच्युत सत्समागम:।सत्संगमो यर्हि तदैव सद्गतौपरावरेशे

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामसार्वभौम और गोपीनाथाचार्य गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वर:।गुरु: साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम:।। इसी संसार-सागर

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामआचार्य वासुदेव सार्वभौम वाग्वैखरी शब्दझरी शास्त्रव्याख्यानकौशलम् ।वैदुष्यं विदुषां तद्वद्भुक्तये न तु मुक्तये।। शास्त्रों

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामश्रीजगन्नाथ जी के दर्शन से मूर्छा तवास्मीति वदन् वाचा तथैव मनसा विदन्।तत्स्थानमश्रितस्तन्वा मोदते

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामश्रीभुवनेश्वर महादेव यौ तौ शंखकपालभूषितकरौ मालास्थिमालाधरौदेवौ द्वारवतीश्मशाननिलयौ नागारिगोवाहनौ।द्वित्र्यक्षौ बलिदक्षयज्ञमथनौ श्रीशैलजावल्लभौपापं वो हरतां सदा

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामश्रीसाक्षिगोपाल पद्भ्यां चलन् य: प्रतिमास्वरूपो।ब्रह्मण्यदेवो हि शताहगम्यम्।देशं ययौ विप्रकतेऽदभुतोऽयंतं साक्षिगोपालमहं नतोऽस्मि।। प्रात:काल उठकर