
मैया किसने रंगा है ये गुलाभी चोला
मैया किसने रंगा है ये गुलाभी चोला, ये लगता प्यारा ये सबसे नयरा ये नैया तारे दुःख हर का सारे,
मैया किसने रंगा है ये गुलाभी चोला, ये लगता प्यारा ये सबसे नयरा ये नैया तारे दुःख हर का सारे,
माँ तेरे द्वार पर ज़िंदगी हो बसर, मेरा बिगड़ा मुकदर सवर जायेगा, हाथ ममता का माँ जो रहा मेरे सिर,
नवराते आ गए अँगना बुहारो माँ का, भवन सवारों झोंके पुरवईया के, बतला गए नवराते आ गए, शेरावाली माई सदा
मेरे दिल नू करार नी आंदा तू घर मेरे चल अमिये, तेरा लाल बैठा भवना च रोंदा तू घर मेरे
जब जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना, एक पल भी नहीं रुकना मेरा मान बड़ा जाना, इस दुनियां
हम सब आइली तोर दुअरिया, मैया ताको न हमरी ओरिया ॥ कोई ओसरा पखारे, कोई गहबर पखारे कोई पखारेला ॥,
शेरोवाली बुलालो हमे भी दवार आने के काबिल नही है, हम गुनाहागार है माफ कर दो सर उठाने के काबिल
अंबे मैया जी का द्वारा चार धामों से है न्यारा, इस सारे जहां में दूजा के मैया जैसा और नहीं,
और क्या माँगू मैं तुमसे माता, बस धूल चरण की चाहूँ, पल पल याद करूँ मैं तुमको, मैं हिरे रतन
जब जब भीड़ पड़ी है हम पर, तूने हमे संभाला है जब जब तेरा नाम लिया माँ, तेरा बुलावा आया