
हम तेरे शहर में आये है मुसाफिर की तरह
हम तेरे शहर में आये है ,मुसाफिर की तरह , सिर्फ एक बार मुलाकात का मौका देदे , हम तेरे

हम तेरे शहर में आये है ,मुसाफिर की तरह , सिर्फ एक बार मुलाकात का मौका देदे , हम तेरे

कन्हैया ले चल परली पार, साँवरिया ले चल परली पार। जहां विराजे राधा रानी, अलबेली सरकार॥ विनती मेरी मान सनेही,