
हम नित नित शीश झुकाते है
मेरे बाबा बालक नाथ तुम्हे हम नित नित शीश झुकाते है भक्त मस्त होकर गाते है बाबा तुम को जो

मेरे बाबा बालक नाथ तुम्हे हम नित नित शीश झुकाते है भक्त मस्त होकर गाते है बाबा तुम को जो

तेरे दर्शन को जी करता है तुमसे मिलने को जी करता है तेरे चरणों में ध्यान लगता है तेरे दर्शन

लभ्दी मैं तेनु बचा जंगला तो आई वे सरो दा एह साग छना लस्सी दा ल्याई वे तेनु रतनो पुकारे

बोल वे कालिया कावा,मेरे जोगी ने कद औना, जोगी ने कद औना,मेरे बालक ने कद औना, तेनु कूट कूट चुरियाँ

रंग बरसे-2 दरबार,बाबा जी तेरे रंग बरसे॥ दिओट सिद्ध गुफा उते,ठंडिया हवावा, सुरगा नु जांदीया ने,गुफा विचो राहवा, भगता नु

इक जोगी आया नी सईयो ॐ नमों शिव करदा ।। ओ रसता पुछदा ए सईयो माँ रत्नो दे घर दा

पौना हारिया नी मैं खुशि च निहाल हो गया, ऐसी कृपा तु किती के कमाल हो गया॥ रहन नहीं ओ

ओह जिहना नाथ ते सुटीयाँ ढोरा,ओ फिकर रहे न ढाका, नाच नाच के ओह नाथ मनुंदे,भावे लोकी कहन तमाशा, सादे

नाथ जी ना जाइयो, माई रतनो दा, दिल पया धडके, नाथ जी ना जाइयो माई रतनो दा, दिल पया धडके,

वाह ओ मेरे जोगियां तेरे रंग नियारे, लखा पापी जोगियां तू पला च तारे, गोरख वरगे तेरी शक्ति मुहरे हारे,