
महाभारत का लेखन गणेश जी
।। जय भगवान श्री गणेश जी ।। हिमालय की निस्तब्धता के बीच एक ऋषि के मन में ऐसा तूफ़ान उठ

।। जय भगवान श्री गणेश जी ।। हिमालय की निस्तब्धता के बीच एक ऋषि के मन में ऐसा तूफ़ान उठ

।। विश्वरूप दर्शन योग ।। अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्रा: सर्वे सहैवावनिपालसङ्घै:।भीष्मो द्रोण: सूतपुत्रस्तथासौ सहास्मदीयैरपि योधमुख्यै:।। वक्त्राणि ते त्वरमाणा विशन्ति

एक असुर था, दम्बोद्भव। उसने सूर्यदेव की बड़ी तपस्या की। सूर्य देव जब प्रसन्न होकर प्रकट हुए और वरदान मांगने

शास्त्र कहते है कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष जनसंख्या का 80% सफाया हो गया

महाभारत की कथा में कुंती का जीवन अद्भुत घटनाओं और संघर्षों से भरा हुआ है। उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण

क्या वास्तविक महाभारत यह नहीं है है•••?••शास्त्र कहते हैं कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष

रामनवमी पर पढिये विशेष कथा जब युधिष्ठिर अपनी माता और भाइयों को साथ लिए वनवास कर रहे थे, तब उन्हें

महाभारत काल अर्थात द्वापर युग में हनुमानजी की उपस्थित और उनके पराक्रम का वर्णन मिलता है।उन्हीं में से पांच प्रमुख

एक असुर था – दम्बोद्भव । उसने सूर्यदेव की बड़ी तपस्या की । सूर्य देव जब प्रसन्न हो कर प्रकट

शास्त्र कहते है …. कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष जनसंख्या का 80%