
धर्म की मर्यादा का पालन करते हुए भक्ति
|| श्री हरि: ||— :: x :: —श्रीमदभागवत की कथा में श्रीकृष्ण भगवान् की विविध लीलाओं का वर्णन सुनते ही

|| श्री हरि: ||— :: x :: —श्रीमदभागवत की कथा में श्रीकृष्ण भगवान् की विविध लीलाओं का वर्णन सुनते ही

भगवन श्री राम ने हनुमान जी को क्या अंतिम ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन के उपदेश दिए थे ? स्कन्द पुराण

भारतीय संस्कृति में अवतारवाद का विशेष महत्व है, यद्यपि विश्व की अन्य संस्कृतियाँ पीर-पैगम्बर एवं ईश्वर की संतान आदि के

|| श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………दोनों ही अपने-अपने स्थान पर ठीक हैं | दोनों बातें शास्त्रों में

राम | श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………अन्त:करण में, मन में भगवान् का प्रेमस्वरूप इस प्रकार प्रविष्ट हो

श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …भगवान् की सारी क्रियाओं को देखकर उनके भक्त मुग्ध होते थे | यह

| श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………जब तक साक्षात परमात्मा की प्राप्ति न हो जाय, तब तक पुस्तकों

गत पोस्ट से आगे …………राम का उपासक है, रकार जिस वस्तु में है उस को याद करते ही मुग्ध हो

एक बार एक राजा नगर भ्रमण को गया तो रास्ते में क्या देखता है कि एक छोटा बच्चा माटी के

हनुमान चालीसा कब लिखा गया क्या आप जानते हैं। नहीं तो जानिये, शायद कुछ ही लोगों को यह पता होगा?