Scriptures

श्री हनुमान स्तोत्र

सर्वारिष्टनिवारकं शुभकरं पिङ्गाक्षमक्षापहं,सीतान्वेषणतत्परं कपिवरं कोटीन्दुसूर्यप्रभम्। लंकाद्वीपभयंकरं सकलदं सुग्रीवसम्मानितं,देवेन्द्रादिसमस्तदेवविनुतं काकुत्स्थदूतं भजे।।१।। ख्यातः श्रीरामदूतः पवनतनुभवः पिङ्गलाक्षः शिखावन्,सीताशोकापहारी दशमुखविजयी लक्ष्मणप्राणदाता। आनेता भेषजाद्रेर्लवणजलनिधेः लङ्घने

Read More...

वन्दे विष्णुं

ऊँ नमो भगवते वासुदेवायशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशंविश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम् ।लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥ OM NAMAH SRI

Read More...

श्रीविष्णु शान्ताकारं मंत्र

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशंविश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्।लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यंवन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।। यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि

Read More...

होई की कथा (कहानी)

एक साहूकार था जिसके सात बेटे, सात बहुएं और बेटी थी। सब कोई मिट्टी लेने गई तो मिट्टी खोदते समय

Read More...

करवा चौथ की कथा

एक साहूकार था। उसके सात बेटे और एक बेटी थी। सातों भाई बहन साथ बैठकर खाना खाते थे। एक दिन

Read More...