
भगवान श्रीकृष्ण का उत्तंक मुनि को अपने विश्वरूप के दर्शन कराना
कृष्णावतार में भगवान श्रीकृष्ण की ऐश्वर्य-लीलाओं के अनेक प्रसंग आते हैं, जिनमें भक्तों को उनकी ‘भगवत्ता’ का ज्ञान हुआ ।

कृष्णावतार में भगवान श्रीकृष्ण की ऐश्वर्य-लीलाओं के अनेक प्रसंग आते हैं, जिनमें भक्तों को उनकी ‘भगवत्ता’ का ज्ञान हुआ ।

सुवर्णवर्णसुन्दरं, जो स्वर्ण के समान उज्जवल वर्णसे सुन्दर प्रतीत होते हैं। सितैकदन्तबन्धुरं। एक ही श्वेत दंत के द्वारा मनोहर जान

..! सभी देशवासियों कोश्रीकृष्ण जन्माष्टमी कीहार्दिक शुभकामनाएं ..! ।। ।। रूपं यत्तत्प्राहुरव्यक्तमाद्यंब्रह्मज्योतिर्निर्गुणं निर्विकारम्।सत्तामात्रं निर्विशेषं निरीहंस त्वं साक्षाद्विष्णुरध्यात्मदीपः।।१।। नष्टे लोके द्विपरार्धावसानेमहाभूतेष्वादिभूतं

।। बाल मुकुंदाष्टकम् ।। करारविंदेन पदारविंदंमुखारविंदे विनिवेशयंतम्।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानंबालं मुकुंदं मनसा स्मरामि।।१।। संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्येशयानमाद्यंतविहीनरूपम्।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारंबालं मुकुंदं मनसा स्मरामि।।२।। इंदीवरश्यामलकोमलांगंइंद्रादिदेवार्चितपादपद्मम्।संतानकल्पद्रुममाश्रितानांबालं

दो बाप बेटे घर में रहते हैं बेटा आस्तिक था और बाप नास्तिक अक्सर दोनों में वाद विवाद होते रहता

जन्माष्टमी का त्यौहार श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मथुरा नगरी में असुरराज कंस के कारागृह

।। श्रीकृष्णद्वादशनामस्तोत्रम् ।। श्री गणेशाय नमः। श्रीकृष्ण उवाच।किं ते नामसहस्रेण विज्ञातेन तवाऽर्जुन।तानि नामानि विज्ञाय नरः पापैः प्रमुच्यते।।१।। प्रथमं तु हरिं

साधक को मंत्र जप और ध्यान दोनों ही साधता है । मंत्र जप हमारे हमारे मन को स्थिर करता है

(भोलेनाथ शंभू को प्रसन्न करने को भगवान श्रीराम द्वारा गाई गई स्तुति) नमामि शम्भो नमामि शम्भो !नमामि शम्भो नमामि शम्भो

||जय बलदाऊ||मित्रों, सुप्रभातम्_वरिष्ठ जनों को सादर प्रणाम_ मंगलवार, 5 सितंबर, 2023विक्रमी संवत 2080, शक संवत 1945भाद्रपद माह कृष्ण पक्षनक्षत्र: भरणी