
शरीर में आत्मा के अतिरिक्त और कुछ नहीं है
जो बात युक्ति ( दृष्टांत ) से समझ में आ जाए !उसमें वैदिकमंत्रों की कोई आवश्यकता नहीं होती !!!एक महात्मा

जो बात युक्ति ( दृष्टांत ) से समझ में आ जाए !उसमें वैदिकमंत्रों की कोई आवश्यकता नहीं होती !!!एक महात्मा

एक राजा बड़ा सनकी था। एक बार सूर्यग्रहण हुआ तो उसने राजपंडितों से पूछा, ‘‘सूर्यग्रहण क्यों होता है?’’पंडित बोले, ‘‘राहू

कृष्ण के जन्म से उनकी लीला संवरण तक हर घटना अपने आप में गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को समेटे हुए है,

|| श्री हरि: ||— :: x :: —श्रीमदभागवत की कथा में श्रीकृष्ण भगवान् की विविध लीलाओं का वर्णन सुनते ही

कमल नारायण नाम का एक व्यक्ति जो कि कपड़े का बहुत बड़ा व्यापारी था। वह ठाकुर जी का बहुत बड़ा

भगवन श्री राम ने हनुमान जी को क्या अंतिम ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन के उपदेश दिए थे ? स्कन्द पुराण

|| श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………दोनों ही अपने-अपने स्थान पर ठीक हैं | दोनों बातें शास्त्रों में

राम | श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………अन्त:करण में, मन में भगवान् का प्रेमस्वरूप इस प्रकार प्रविष्ट हो

श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …भगवान् की सारी क्रियाओं को देखकर उनके भक्त मुग्ध होते थे | यह

| श्री हरि: || गत पोस्ट से आगे …………जब तक साक्षात परमात्मा की प्राप्ति न हो जाय, तब तक पुस्तकों