
एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है नवदुर्गा के नौ स्वरूप-
आप सभी को सपरिवार चैत्र नवरात्र की हृदयस्त अनंत शुभकामनाएँ.!!
आप सभी को सपरिवार चैत्र नवरात्र की हृदयस्त अनंत शुभकामनाएँ.!!
न मत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहोन चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः।न जाने मुद्रास्ते तदपि च
ध्यानम्।गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमालामहोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला।विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशीमहाकालकामाकुला कालिकेयम्।।१।। भुजेवामयुग्मे शिरोऽसिं दधानावरं दक्षयुग्मेऽभयं वै तथैव।सुमध्याऽपि तुङ्गस्तना भारनम्रालसद्रक्तसृक्कद्वया सुस्मितास्या।।२।। शवद्वन्द्वकर्णावतंसा सुकेशीलसत्प्रेतपाणिं प्रयुक्तैककाञ्ची।शवाकारमञ्चाधिरूढा शिवाभिश्-चतुर्दिक्षुशब्दायमानाऽभिरेजे।।३।। अथ
जगत का कल्याण करने वाली जगत जननी मां आपको कोटि कोटि प्रणाम। समस्त संसार का लालन पालन करने वाली भगवती
अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि।।१।। आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि।।२।। मन्त्रहीनं क्रियाहीनं
जय माता दी नवरात्रि की हार्दिक -हार्दिक शुभकामनाए*श्री नव दुर्गा स्तोत्र*नौवीं सिद्धि धात्री जगजाने”जै सिद्धि धात्री माँ तू सिद्धि की
नम: शिवाय श्री गुरु चरणकमलेभ्यो नमः!!ॐ श्री काशी विश्वनाथ विजयते
* सर्वविपदविमोक्षणम् विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्।विश्वेशवन्द्या भवती
नवरात्र पर्व के आठवें और नौवें दिन कन्या पूजन का विधान होता है। भारत में जहां एक तरफ कन्या भ्रूण
भगवान कृष्ण की नगरी में वृन्दावन में भी देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक कात्यायनी पीठ स्थित है। इस
दृश्यन्ते रथमारूढा देव्यः क्रोधसमाकुलाः।शंख चक्रं गदां शक्तिं हलं च मुसलायुधम्।।१३।। खेटकं तोमरं चैव परशुं पाशमेव च।कुन्तायुधं त्रिशूलं च शार्ङ्गमायुधमुत्तमम्।।१४।। दैत्यानां