
श्रीलक्ष्मीनारायण स्तोत्र
श्रीनिवास जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल।लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।१।। राधारमण गोविंद भक्तकामप्रपूरक।नारायण नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।२।। दामोदर महोदार सर्वापत्तीनिवारण।ऋषिकेश नमस्तुभ्यं त्राहि

श्रीनिवास जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल।लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।१।। राधारमण गोविंद भक्तकामप्रपूरक।नारायण नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात्।।२।। दामोदर महोदार सर्वापत्तीनिवारण।ऋषिकेश नमस्तुभ्यं त्राहि

गजाननाय गांगेयसहजाय सदात्मने।गौरीप्रिय तनूजाय गणेशायास्तु मंगलम्।। नागयज्ञोपवीदाय नतविघ्नविनाशिने।नंद्यादि गणनाथाय नायकायास्तु मंगलम्।। इभवक्त्राय चेंद्रादि वंदिताय चिदात्मने।ईशानप्रेमपात्राय नायकायास्तु मंगलम्।। सुमुखाय सुशुंडाग्रात्-क्षिप्तामृतघटाय च।सुरबृंद

नारद उवाचप्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये।।१।। प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम्।तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।२।। लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव

छ्ठी मनाओ सखी मंगल गाओ। घड़ी घड़ी लाला की छठी मनाओ साखी मंगल गाओ घड़ी घड़ी,,,सखी जमुना जल से स्नान

बच्चे के जन्म के बाद छठी पूजन क्यों किया जाता है? भगवान श्रीकृष्ण का छठी पूजन उत्सव कैसे मनाया गया?

आज लाला एक दिन के हो गये है रेवती मैया यशोदा मैया जो को सखियों के साथ मोर पंख दे

श्रीहनुमान जी को चोला चढाने से साधक को श्रीहनुमान जी कृपा प्राप्त होती है। ऐसा करने से श्री हनुमानजी प्रसन्न

भगवान श्रीगणेश सभी सुख समृधि देने वाले देवता है जिन्हें पञ्चदेवों में भी स्थान प्राप्त है। देवी देवताओ की असंख्य

आज नंदोत्सव है । नंदोत्सव अर्थात कल रात्रि में भगवान श्री कृष्ण नर रूप में पृथ्वी तल पर प्रकट हुए
हनुमानजी के इन १२ नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने