
अंगद का भगवान श्रीराम से विनय
अयोध्या से बिदाई के समय अंगद के भगवान श्रीराम से विनय- सुनु सर्बग्य कृपा सुख सिंधो, दीन दयाकर आरत बंधो।।

अयोध्या से बिदाई के समय अंगद के भगवान श्रीराम से विनय- सुनु सर्बग्य कृपा सुख सिंधो, दीन दयाकर आरत बंधो।।

भगवान राम विभीषण जी को अपने धर्म रथ के बारे में बताते हुए कहते हैं, कि हे विभीषण! विजय हमेशा

एक गोपी को श्रीकृष्ण का बहुत विरह हो रहा था। सारी रात विरह में करवटे बदलते ही बीती। सुबह ब्रह्म

गीता प्रार्थना
गीता हृदय भगवान का,सब ज्ञान का शुभ सार है।इस शुद्ध गीता ज्ञानसे ही चल रहा संसार है।। गीता परम विद्या

गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं ||
|आज गीता जयन्ती हैं वैदिक पथिकमार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर गीताजयंती मनाई जाती है। इस साल 23

धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्र समवेता युयुत्सव:। मामका: पांडवाश्चैव किमकुर्वत संजय। । भावा श्लोक 22 अन्याश्चिन्तयन्तो माँ ये जना: पर्युपासते |तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्

70+ देशों के प्रतिनिधि 22 जनवरी को अयोध्या आ रहे हैं…अधिकांश बड़े क्रिकेटर, बॉलीवुड वाले आ रहे हैं…अदानी, अंबानी, बिरला

हिन्दू संस्कृति में यह दिन श्रीमद् भगवद्गीता की प्रतीकात्मक जयंती के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि

चारो राजकुमारों और नव-वधुओ का अयोध्या राजमहल में प्रवेश.. करहिं आरती बारहिं बारा। प्रेमु प्रमोदु कहै को पारा।।भूषन मनि पट

हम प्रार्थना देश और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए करे प्रार्थना देश के प्रधान के लिए करे। हे ईश्वर देश