
राधा नाम तारन हार
एक बार व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पास के ही एक संत के पास जाता है, और संत से कहते है,

एक बार व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पास के ही एक संत के पास जाता है, और संत से कहते है,

त्रेतायुग की प्रतिज्ञा भगवान ने द्वापरयुग में पूरी की! सेतु-बंधन के लिए वानरदल द्वारा पर्वत-खण्डों का लाना। हनुमानजी, सेतु-बंधन और

एक दिन राधिका रानी गहवरवन में खेल रहीं थीं और श्रीकृष्ण उनको ढूंढ़ते-ढूंढ़ते नन्दगांव से चले । जब यहां पहुंचते

श्रीहरिःघडी रात गये कुछ ग्रामीण माताएँ आयी और दो भोग-थाल निवेदन करती हुई बोली – आज़ हमारे यहाँ भगवान की

गणेश जी की कथा को सुनना अत्यंत ही शुभ होता है।एक बार गणेश जी महाराज एक सेठ जी के खेत

वृंदावन।क्या कभी ऐसा भी हो सकता है, जहां भगवान भक्तों की भक्ति से अभिभूत होकर या उनकी व्यथा से द्रवित

।श्रीहरिः। प्रयागदत्त बहिन-जीजा जी से मिलने बड़ी प्रसन्नता और उत्सुक्ता मे चले । मन मे यही होता कि कैसे शीघ्र

एक बार प्रेम से कह दो श्री राधे एक संत थे वृन्दावन में रहा करते थे, श्रीमद्भागवत में बड़ी निष्ठा

जनकपुर में एक ब्राह्मण दम्पत्ति वास करते थे । ब्राह्मण परम विद्वान् और प्रेमी थे । ब्राह्मण बड़े बड़े लोगो

अधिकारी न होने पर इस विद्या का भेद खोलने से पाप लगता है।भगवान शिव कहते है। हे शिवे नैतज्ज्ञानं वरारोहे